Saturday, April 27, 2013

Outer devotee or Inner devotee

When it comes to devotion, we show we are more religious so that our outer image should be good in the society. Sometimes we are not devoted from inner side and from outer side peoples around us thing us religious. Sometimes help of symbols is used. There is tilak on the forehead, Turban on head, shaved head, some color of cloth to wear and many more. But impurities inside are never covered by outer symbols.
 
I remember one episode, I came to know and sharing with you. There was one Temple in outer side of city Fazilka in Punjab. The Saint named Sant Atma Nand living there and was ardent follower of Shree Guru Granth Sahib and always read it. He never wear turban while reading it as the follower of Sikhism do while reading Shree Guru Granth Sahib. Holy book was about 100 years old. After some years, He chanted few mantra and given the book to river.Incident came into knowledge of Sikh devotees and they gathered shouting words for saint and filed a case against him in the court. Saint was called. Sikh devotee shouted that this saint should be given punishment as he thrown our holy book to waters. Saint smiled. Lawyer asked about confirmation of throwing the book into water. Saint said, These persons are not only doing the great sin by using word throwing while I departed my Guru to water by chanting. The Guru is still alive in my heart. He challenged that you speak any lines from holy book and I will tell you on which page is it situated and meaning of it.The process started and He correctly given the page number and meaning of each line. Then He challenged the person who are shouting to do the vice versa. He recited lines from holy book without the help of book and challenged to tell the page. No body was able to make it. He told that You are respecting the Shree Guru Granth sahib from outside and its living alive in my heart. They all felt ashamed on their deeds.
 
So we should be a devotee from inside and outer symbols help us so that other treat us that way but inner feelings are must.

Fazilka Heritage Festival gets underway

HIndustan Times, Gaurav Sagar Bhaskar
The seventh Fazilka Heritage Festival got off to a colourful start on Thursday night. 
The first evening of the four-day fest, being organised by the Graduate Welfare Association, Fazilka, was dedicated to devotional songs. Conceived and planned as a cultural event showcasing 

the various aspects of art, music and food culture of Fazilka with a view of injecting a fresh lease of life in them, the festival is literally an art and cultural extravaganza, said Bhupinder Singh, a veteran IITian and president of the Graduate Welfare Association.
Aimed at promoting Fazilka's rich culture and heritage worldwide, the event directly supports local handicrafts, artisans and traders with the larger purpose of generating employment opportunities through tourism, said Bhupinder.

The association said Prem Nath Bubber, a Fazilka resident and a Punjab Agricultural University (PAU) passout who brought the name of his hometown on the international map through kinnow cultivation and promotion, would be awarded the "Fazilka Rattan" this year.

Bubber had taken to horticulture in 1976 and was the first one to successfully grow kinnows in the area. In 1982, he also started growing vegetables and flowers, besides opting for seed production.

Bubber was the first farmer of the area to promote the concept of bio-fertilisers and organic manure. He also pioneered the cultivation of organic wheat and organic vegetables.

Bubber opened a nursery of fruit saplings in 1983 for the benefit of fruit growers of the region. He started the Bubber Horticulture Marketing Advisory Service in 1988 to guide fruit growers. A recipient of various awards at citrus shows and competitions organised by the horticulture department, he was recently conferred the best extension worker award by the PAU vice-chancellor at a kisan mela.

The festival began with a 'shabad' sung by Manjinder Taneja and Happy Delight, which was followed by performances by Ibadat Band of Government Girls School, Fazilka and the newly launched Sufiaana band "Azad Parinde".

The event is being organised at four venues. Music and dance shows are being held in the car-free area near Clock Tower. The food zone and the exhibition-cum-sale zone are both in Sanjay Gandhi Musical Park.

This year's special attractions are the organic food stall of Jiyani Natural Farm and of course the famous Punjabi juttis of Fazilka.

As every year, the town is all decked up for the annual event to give it a festive look.

Later in the evening, the association honoured the Social Welfare Society and Shri Ram Sharnam society for their eye donation campaigns in the past two years.

"Fazilka residents donated more than 310 pairs of eyes in the last two years, because of which the eyesight of more than 600 people has been restored. Fazilka is the topmost district in the country in terms of number of eye donations," association members observed.

Kanika Kamra : छोटी उम्र में बड़ा मुकाम






कहते हैं कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। फाजिल्का की महज 21 वर्षीय फैशन डिजाइनर कनिका कामरा भी उन्हीं हुनरमंद खुशनसीबों में से एक है, जिसने बहुत कम समय में वह मुकाम हासिल कर लिया है, जिसे प्राप्त करने के लिए बड़े बड़े व मशहूर फैशन डिजाइनर ताउम्र सपने ही देखते रहते हैं। कनिका के डिजाइंस को अंतरराष्ट्रीय फैशन पत्रिका वोग के भारतीय संस्करण में स्थान मिला है। कनिका को यह उपलब्धि नैशनल डिजाइन कंपीटीशन में पूरे भारत में हजारों अन्य प्रतिभागियों को पछाड़कर आगे आए 31 प्रतिभागियों के साथ मिली है। इसके लिए उसे नकद पुरस्कार, उसके डिजाइंस को पत्रिका की वेबसाइट व फेसबुक पेज पर स्पेस मिला है। साथ ही पत्रिका के जून 2012 के संस्करण में उसके डिजाइंस को प्रकाशित भी किया गया। वहीं दिल्ली के डीएलएफ एमपोरियो में आयोजित वोग फैशन नाइट में उसके डिजाइंस को शोकेस किया गया है। कनिका वर्तमान में चंडीगढ़ के आईनिफ्ड से मास्टर इन फैशन डिजाइनिंग कर रही है।

70 के फैशन का तड़का

नैशनल डिजाइन कंपीटीशन में 70 के दशक में चलने वाले फैशन वियर में अपने हुनर से तड़का लगाते हुए उसमें कुछ बदलावों के साथ यह कंपीटीशन जीता है। इसके लिए उसने उस वक्त की फिल्मों, मैगजीन और वर्तमान पसंद का तालमेल बिठाया।

इंटरनेशनल उपलब्धि

कनिका को उपलब्धि यूं ही नहीं हासिल हुई। उसे शिक्षा, खेलकूद सहित हर गतिविधि में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए वैरी रिस्पोंसेबल पर्सन के रूप में 2006 में स्कूल की हैड गर्ल चुना गया। उसने यूनाइटेड किंगडम के लैंकेस्टर स्थित गल्र्स ग्रामर स्कूल के 15 दिवसीय दौरे में अपने स्कूल का प्रतिनिधित्व किया। इसके लिए उसे 2006 में द इंटरनेशनल अवार्ड फार यंग पीपल में कांस्य पदक मिला।

फैशन स्टूडियो खोलने है

मार्च 2013 में आयोजित लैक्मे फैशन वीक की इंप्लीमेंटेशन टीम का हिस्सा रही कनिका का मानना है कि इंसान को जिंदगी हमेशा अपनी शर्तो पर जीनी चाहिए। भले ही फैशन की दुनिया दूसरों को आकर्षित करने वाले रंगों व डिजाइन के सहारे चलती है लेकिन पहनने वाले को कपड़े के ब्रांड की बजाए यह जरूर देखना चाहिए कि यह उसके शरीर के अनुकूल भी है या नहीं।

कनिका का सपना फैशन के दौर में लुप्त हो रहे भारतीय पहरावे जैसे राजस्थनी, हरियाणवी और पंजाबी पोशाकों जिसमें घाघरा, सलवार सूट, ओढ़नी आदि को ग्लोरीफाइ कर उसे आज का फैशन बनाने का है। इसके लिए वह चंडीगढ़ में फैशन स्टूडियो खोलने के प्रोजेक्ट पर काम कर रही है।

Tuesday, April 23, 2013

हेरीटेज फेस्टिवल: आखिरी रात युवा शक्ति के नाम

अमृत सचदेवा, फाजिल्का

पंजाब हेरीटेज एंड टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड के सहयोग से ग्रेजुएट्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित चार दिवसीय फाजिल्का हेरीटेज फेस्टिवल अमिट यादें छोड़ता हुआ समाप्त हुआ। आखिरी रात जहां युवा शक्ति का सम्मान किया गया, वहीं अपने तजुर्बे से फाजिल्का का नाम रोशन करने वाली शख्सियत प्रेम बब्बर को फाजिल्का रत्न से सम्मानित किया गया।
आखिरी कार्यक्रम युवा नाइट के मुख्यातिथि स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सुरजीत ज्याणी और विशिष्ट अतिथि एडीसी चरणदेव सिंह मान, ट्रक यूनियन अध्यक्ष परमजीत सिंह वैरड़ थे। कार्यक्रम का आगाज संगीतकार मनजिंदर सिंह तनेजा व हैप्पी डिलाइट द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीत से हुआ। गायकी में डा. अनीता-डा. चंद्रमोहन कटारिया के पुत्र मोहक कटारिया व वैभव-अनिरुद्ध की जोड़ी ने सूफी कलाम के जरिये उपस्थिति को झूमने पर मजबूर किया। वहीं फ्रेंडस हेल्थ क्लब के बॉडी बिल्डर्स में हेल्थ शो ने रोमांचित किया। साथ ही जीएमपी फायर, जॉन ग्रुप व नई आबादी रॉक ग्रुप ने हिप हॉप व अन्य कई प्रस्तुतियों से मंत्रमुग्ध किया।
वहीं शान-ए-खालसा गतका एकेडमी के युवाओं ने गतके के हैरतअंगेज प्रदर्शन किया। आखिरी शाम की शानदार प्रस्तुति पर खुशी का इजहार करते हुए मुख्यातिथि ज्याणी ने कहा कि शहर की विरासत को सहेजकर उसे मेले के रूप में प्रदर्शित करना सराहनीय प्रयास है। उन्होंने लोगों को विरासत संभाल के साथ अपने बुजुर्गो को सम्मान के लिए प्रेरित किया। अंत में संरक्षक सेठ सुरेंद्र आहूजा, डा. भूपेंद्र सिंह, अध्यक्ष एडवोकेट उमेश कुक्कड़, सचिव नवदीप असीजा व अन्य पदाधिकारियों ने फेस्टिवल आयोजन में सहयोग करने वाले फ्रेंड्स ग्रुप के राजीव दाबड़ा, राजीव चोपड़ा, रीतिश कुक्कड़, संदीप अबरोल, बलजीत सिंह चुघ, अमनजोत सिंह व अन्यों को सम्मानित किया गया।
http://www.jagran.com/punjab/firozpur-10324898.html

Monday, April 22, 2013

महोत्सव की तीसरी रात नारी शक्ति का यशोगान

जागरण संवाददाता, फाजिल्का

स्थानीय प्रताप बाग में जारी फाजिल्का विरासत महोत्सव की तीसरी रात नारी शक्ति को समर्पित रही। कार्यक्रम की शुरुआत सांसद शेर सिंह घुबाया व क्षेत्र की विख्यात महिला शख्सियतों ने दीप प्रज्वलित कर की।

एसोसिएशन के सचिव नवदीप असीजा ने बताया कि हैप्पी डिलाइट ने मां को समर्पित गीत से नारी शक्ति का यश गाया। बाद में भू्रण हत्या के खिलाफ कटाक्ष करता नाटक 'नई आबादी' ग्रुप द्वारा प्रस्तुत किया गया। वहीं पंजाबी महिलाओं के परंपरागत परिधानों पर आधारित फैशन शो की प्रस्तुति से ज्योति किड केयर होम की नन्ही छात्राओं ने वाहवाही लूटी। कौटिल्य इंटरनेशनल स्कूल के नन्हे छात्र शिवम धूड़िया ने विकलांगता को चुनौती दे जीवन जीने का जज्बे पर कविता पाठ और सत्यमेव जयते के गीत मुझे क्या बेचेगा रुपया..पर स्कूल के बच्चों ने कोरियाग्राफी से समां बांधा। सबसे ज्यादा मनोरंजन जीएमपी फायर ग्रुप और जॉन ग्रुप के युवाओं द्वारा मैलोडी पर आधारित डांस परफार्मेस ने किया। साथ ही नन्ही बच्ची यशु खुराना ने परिवार व पारिवारिक मूल्यों पर आधारित कविता प्रस्तुत कर उपस्थिति को भाव विभोर किया।

इस मौके पर शशि आहूजा, प्रीतम कौर, डा. आशा गुंबर, मोना कटारिया, कविता सपड़ा, संरक्षक डा. भूपेंद्र सिंह, सुरेंद्र आहूजा, एडवोकेट उमेश कुक्कड़, नरेश सपड़ा, रवि खुराना, रीतिश कुक्कुड़, राजीव चोपड़ा, राजीव दावड़ा, बलजीत सिंह, अमनजोत सिंह सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।
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राय सिख वारियर का लोकार्पण

फाजिल्का: महोत्सव के दौरान एसोसिएशन के डा. भूपेंद्र सिंह द्वारा फाजिल्का को समर्पित अपनी पुस्तक श्रृंखला में लिखी तीसरी पुस्तक द राय सिख वारियर का लोकार्पण मुख्यातिथि सांसद शेर सिंह घुबाया ने किया। पुस्तक में राय सिख बिरादरी की शुरुआत से लेकर अब तक के 800 साल पुराने इतिहास को संकलित किया गया है।
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विक्रम शुक्ला का सम्मान
फाजिल्का: सरहदी शहर फाजिल्का में पले-बढ़े और अब गायकी में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके गायक विक्रम शुक्ला का हैरिटेज फेस्टिवल में विशेष सम्मान किया गया। विक्रम ने अपनी यहां संगीत संबंधी शिक्षा दीक्षा, गुरु मास्टर कृष्ण शांत द्वारा दी गायकी की नेमत के लिए उनका आभार जताया। साथ ही अपने प्रसिद्ध गीतों से उपस्थिति का मनोरंजन किया।

स्वेच्छा : बॉडी बिल्डर बने महिलाओं के बॉडीगार्ड



अमृत सचदेवा, फाजिल्का

आज देश के विभिन्न हिस्सों विशेषकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराध ने सभी को हिला कर रख दिया है और नारी में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। ऐसे में फाजिल्का विरासत मेले में एक नई शुरुआत की गई है। इसके तहत कुछ बॉडी बिल्डरों ने महिलाओं की सुरक्षा का जिम्मा उठाया है।

मिले विवरण के अनुसार जिले के विभिन्न गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के आह्वान पर शहर के फ्रेंड्स हेल्थ क्लब से जुड़े बॉडी बिल्डर्स ने यह महिलाओं की हिफाजत का बीड़ा उठाया है। विरासत महोत्सव की महिलाओं को समर्पित शनिवार की तीसरी रात में महिला सुरक्षा दस्ते का गठन किया गया।

महोत्सव करवा रही ग्रेजुएट्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव इंजीनियर नवदीप असीजा ने बताया कि इस दस्ते में शामिल सैकड़ों युवाओं ने हजारों शहरवासियों के समक्ष हर वक्त महिलाओं की सुरक्षा के लिए अलर्ट रहने का विश्वास दिलाते हुए समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का प्रण लिया। इस मौके एसोसिएशन के संस्थापक सदस्य सुरेंद्र आहूजा की पत्नी शशि आहूजा ने प्रोत्साहन राशि भेंट कर इन युवाओं का उत्साह बढ़ाया। फ्रेंड्स हेल्थ क्लब के संचालक राजीव चोपड़ा ने अपने शार्गिदों को यह जिम्मेवारी सौंपे जाने पर एसोसिएशन का आभार प्रकट किया है।
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अनुभव से सूझी प्रोटेक्शन ग्रुप की युक्ति

फाजिल्का : देश के अन्य हिस्सों की तरह फाजिल्का में भी अकसर मनचलों द्वारा राह जाती लड़कियों से छेड़छाड़ व फब्तियां कसने की घटनाएं होती रहती हैं। वहीं, हर साल होने वाले फाजिल्का विरासत फेस्टिवल के दिनों आयोजन स्थल पर मनचलों द्वारा लड़कियों को परेशान करने की आशंका के मद्देनजर हर बार पुलिस का प्रबंध किया जाता है, लेकिन मात्र दस पुलिस मुलाजिमों के लिए हजारों की भीड़ में शामिल मनचलों को रोक पाना एक चुनौती भरा काम होता है। इस बार आयोजकों ने बड़े नगरों की तर्ज पर बाउंसर तैनात करने का तजुर्बा किया, लेकिन ये बाउंसर कोई किराए पर आए हुए मसलमैन नहीं थे बल्कि स्थानीय फ्रेंड्स हेल्थ क्लब से जुड़े वे युवा थे, जो वालंटियर के तौर पर सुरक्षा के लिए तैनात हुए। यह तजुर्बा बेहद सफल रहा। करीब 20 हंट्टे-कट्टे युवाओं ने आयोजन स्थल पर पैनी नजर रखी और इस बार छेड़छाड़ का एक भी मामला सामने नहीं आया। जब इन युवाओं के सम्मान का समय आया तो आयोजन में मौजूद विभिन्न एनजीओ पदाधिकारियों ने युवाओं से हर वक्त महिलाओं की सुरक्षा करने का आह्वान किया। इस पर क्लब के युवाओं ने अपील को सहर्ष स्वीकार करते हुए, हमेशा वालंटियर के रूप में महिलाओं की सुरक्षा का प्रण लिया।
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अपने क्षेत्र में करेंगे नारी की रक्षा

फाजिल्का : नशाखोरी, आवारागर्दी व बुरी संगत से दूर रह शरीर बनाने वाले क्लब के युवाओं की संख्या 300 से अधिक है। उन्हें नवगठित ग्रुप में कोई ड्यूटी देने के बजाय, अपने अपने क्षेत्र जहां वे रहते हैं और दिन भर विचरते हैं, में दो या तीन के ग्रुप में एकत्रित रह महिलाओं से होने वाली छेड़छाड़ के खिलाफ सक्रिय रहने का जिम्मा सौंपा गया है।

http://www.jagran.com/punjab/firozpur-10321986.html

Sunday, April 21, 2013

बत्ती बाल के और सम्मी ने मन मोहा






महोत्सव में झलकी फाजिल्का, मलोट और अबोहर की विरासत

ग्रेजुएट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से आयोजित फाजिल्का विरासत महोत्सव की दूसरी रात हमसाया रही, जो पड़ोसी शहरों को समर्पित थी। इसका आगाज एडीसी चरनदेव सिंह मान और एसपी वरिंद्र सिंह बराड़ ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया।
इस मौके पर आबादी यूथ की ओर से पंजाबी गीत 'बत्ती बाल के बनेरे उत्ते रखनी आं' पर बच्चों की ओर से कोरियाग्राफी प्रस्तुत की गई। जबकि युवतियों की ओर से शम्मी गीत पर पंजाबी विरासत की झलक पेश की गई। इस मौके पर संस्था के पैटर्न डॉ. भूपिंद्र सिंह, प्रधान एडवोकेट उमेश कुक्कड़, सचिव नवदीप असीजा, प्रफुल्ल नागपाल, एडवोकेट राजेश अंगी, राकेश नागपाल, संदीप अबरोल, फ्रेंडस हेल्थ जिम के सदस्यों के अलावा अन्य मौजूद रहे। इस मौके पर पड़ोसी शहर मलोट से सिटी अवेयरनेस सोसायटी के सचिव रोहित कालड़ा के नेतृत्व में टीम पहुंची। (लछमण/झांब)

कार्यक्रम की शुरुआत में लाफ्टर चैलेंज में अपनी अदा के जोहर दिखाने वाले हरविंद्र सीचा ने कॉमेडी से दर्शकों को लोटपोट कर दिया। मलोट के इतिहास की पहेली को दूर करने वाले रोहित कालड़ा ने इस बारे में विस्तृत जानकारी दी और फाजिल्का से मलोट के रिश्ते को भी दर्शकों के समक्ष रखा। सूफी गायक विनोद खुराना परवाज ने कविताओं से मंत्रमुग्ध किया। लेखक व कवि रिषी ह्रदयपाल ने पंजाब के बदलते सभ्याचार पर कविता 'बदल गया साडा सभ्याचार' प्रस्तुत करके युवाओं को सभ्याचार न भूलने की नसीहत दी। गीतकार कुलबीर कोटभाई के लिखित मलोट के प्रथम गीत वासी हां असी मलोट दे पर भंगड़े ने सबको झूमने पर मजबूर कर दिया।

दर्शक हुए लोटपोट
महोत्सव में अबोहर की नटरंग टीम की ओर से भूपिंद्र उतरेजा के निर्देशन में 'नई शुरुआत' नाटक प्ले किया गया। इस मौके पर सुनील वर्मा ने मिमिक्री करके विभिन्न कलाकारों और जानवरों की आवाजें निकालकर दर्शकों को हैरान कर दिया। इसके अलावा अबोहर के कुलजीत भट्टी, विष्णु नारायण, मोहित कालड़ा, लोकेश नागपाल, संदीप शर्मा, कश्मीर लूना, मोहित नरूला, हनी तरेजा आदि ने भी अपनी कला के जोहर दिखाए।

फिटनेस का खजाना बांट रही फाजिल्का की बेटी






अमृत सचदेवा, फाजिल्का : मीडिया एंड मास कम्यूनिकेशन की मास्टर डिग्री, अच्छी नौकरी..सब कुछ था शोभना जुनेजा के पास जिससे खुद की जिंदगी अच्छी तरह संवर सकती थी। लेकिन वो कुछ ऐसा करना चाहती थी जिससे दूसरों की जिंदगी भी संवार सके। इसी सोच के साथ शोभना ने योग में महारत हासिल की और फाजिल्का की यह बेटी आज देशभर में योग के जरिये फिटनेस का खजाना बांट रही है।
शोभना अब तक 180 से अधिक योगा क्लास अटेंड कर तीन हजार से अधिक लोगों को योगाभ्यास में पारंगत कर चुकी है। वर्तमान में वह चंडीगढ़ के फिटनेस एंड योगा स्टूडियो के साथ काम करते हुए विभिन्न यूनिवर्सिटियों और कार्पोरेशंस में आयोजित योगा वर्कशाप में लोकप्रिय प्रशिक्षक के रूप में पहचान बना चुकी है।
पंजाब यूनिवर्सिटी से मीडिया एंड मास कम्यूनिकेशन की मास्टर डिग्री हासिल करने वाली शोभना को वेदांता रिसोर्सेज में पब्लिक रिलेशंस एवं सीएसआर एग्जीक्यूटिव की नौकरी मिली थी। लेकिन कुछ अलग करने की चाह और निरोगी काया के लिए योग के आकर्षण ने शोभना की जिंदगी बदल दी। शोभना ने पहले इंटरनेशनल शिवानंदा योग वेदांत सोसायटी मदुरै, तमिलनाडु से योगा टीचर की डिग्री हासिल की। इसके बाद इसी सोसायटी की 60 से अधिक प्रोफेशनल क्लासेस में प्रशिक्षण प्रदान किया। साथ ही शोभना ने मोरार जी देसाई नेशनल इंस्टीटयूट आफ योगा का डिप्लोमा भी किया।
बकौल शोभना रोग भगाने के लिए जितना महत्व डाक्टरों का है, उससे कहीं अधिक जरूरत योग प्रशिक्षकों की है। इसीलिए शोभना अपना योगा एंड फिटनेस स्टूडियो चला कर विभिन्न संस्थानों में योग प्रशिक्षण देना चाहती है।
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योग की पुस्तकें भी महत्वपूर्ण
फाजिल्का: योग व प्राणायाम सीखने के लिए जहां प्रशिक्षक की जरूरत है, वहीं पुस्तकें भी काफी मददगार साबित होती हैं। शोभना के अनुसार मुंगेर स्कूल आफ योगा बिहार के स्वामी सत्यानंद सरस्वती द्वारा लिखित आसन, प्राणायाम, मुद्रा, बांधा पुस्तक, इंटरनेशनल शिवानंदा योग वेदांत सोसायटी मदुरै, तमिलनाडु के लेखक विष्णु देवानंद की पुस्तक कंपलीट इलेस्ट्रेटेड बुक आफ योगा और बीकेएस आयंगर की पुस्तक लाइट ऑन योगा योग व प्राणायाम प्रेमियों के लिए स्वास्थ्य का खजाना है।
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मिलेगा यूथ आईकान अवार्ड

फाजिल्का: न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी जलालाबाद के ब्रांच इंचार्ज राकेश जुनेजा व जयश्री जुनेजा की बेटी शोभना स्थानीय आर्मी स्कूल से मैट्रिक में हेडगर्ल चुनी गई। बेस्ट स्टूडेंट अवार्ड व मिस आर्मी स्कूल भी चुनी गई। ग‌र्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ह्यंमैनिटीज ग्रुप में जिले में टॉपर बनी। ग्रेजुएशन के दौरान चंडीगढ़ के जीसीजी कालेज में मिस परफेक्ट व पंजाब यूनिवर्सिटी के मिस फ्रेशर के मुकाबले में फ‌र्स्ट रनरअप भी चुनी गई। ग्रेजुएट्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव नवदीप असीजा ने बताया कि शोभना की उपलब्धियों के चलते उसे 21 अप्रैल को हैरिटेज फेस्टिवल के समापन मौके पर यूथ आईकान अवार्ड प्रदान किया जाएगा।

Saturday, April 20, 2013

रैंचों की प्रेरणा से इंजीनियर बना लेखक

पेशे से इंजीनियर शिवांश ने लिखी 'लव इज ए डर्टी गेम'
>>पहले तीन माह में ही बिक गईं पांच हजार प्रतियां
अमृत सचदेवा, फाजिल्का : एक था 'थ्री इडियट्स' का फरहान। जिसने अपने दोस्त रणछोड़दास चांचड़ (रैंचो) की सलाह मानी और शौक व पसंद के अनुसार करियर का चुनाव किया। इंजीनियरिंग छोड़ करवाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी में नाम कमाया। अब एक हैं शहर के रहने वाले शिवांश कामरा। रैंचो की प्रेरणा से ही वह इंजीनियरिंग की डिग्री पास करने के बावजूद लेखक बन गए। लेखक भी ऐसे कि उनकी लिखी पहली ही किताब की तीन माह में ही पांच हजार प्रतियां बिक चुकी हैं। अब वह दो और पुस्तकें लिख रहे हैं। क्षेत्र की एक संस्था अब उन्हें सम्मानित करने की तैयारी में है।
शहर के रहने वाले शिवांश कामरा ने इंजीनियरिंग तो परंपरागत र्ढे पर चलते ही कर ली, लेकिन अंदर का लेखक हमेशा बाहर आने की कोशिश करता रहा। आखिरकार चेतन भगत के नावल पर बनी फिल्म 'थ्री इडियट्स' ने शिवांश को मनोबल प्रदान किया। नतीजा यह निकला है कि प्रोडक्शन इंजीनियर के तौर पर सफलतापूर्वक काम कर रहे शिवांश ने 'लव इज ए डर्टी गेम' पुस्तक लिख डाली।
फाजिल्का के आर्मी स्कूल से शिक्षित 25 वर्षीय शिवांश ने गुरुनानक देव इंजीनियरिंग कालेज लुधियाना से डिग्री हासिल की। ब्लाग लिखने के शौक ने अंदर के लेखक को जगा दिया। शिवांश के अनुसार इस दौरान 'थ्री इडियट्स' ने संदेश दिया कि वह भी अपनी जिंदगी शौक व पसंद अनुसार बिता सकते हैं। फिर क्या था उन्होंने अपनी जिंदगी पर आधारित पुस्तक को पूरा किया। इसके लिए अपने जीवन की सच्चाइयों के साथ कुछ कल्पनाओं का भी सहारा लिया।
साल के पहले तीन माह में ही इस पुस्तक की पांच हजार से अधिक प्रतियां बिक चुकी हैं। अब शिवांश मैकेनिकल इंजीनियरिंग का काम छोड़ सृष्टि प्रकाशन के लिए नई पुस्तकें लिखने में व्यस्त हैं।
युवाओं को भायी सीधी व सपाट भाषा
फाजिल्का : शिवांश की पहली पुस्तक को युवा वर्ग ने खूब पसंद किया है। इसमें इस्तेमाल सीधी व सपाट भाषा युवाओं को बेहद पसंद आई। सृष्टि प्रकाशन ने आगामी प्रोजेक्ट के लिए भी शिवांश के साथ करार किया है। वर्तमान में शिवांश सट्टेबाजों पर आधारित पुस्तक 'लव स्टोरी आफ किंग एंड क्वीन' और 'बिपोलर पेशेंट के रोग' पर लिख रहे हैं।
आटोमोबाइल का बिजनेस करने वाले फाजिल्का के सतीश कामरा का पुत्र शिवांश अच्छा तैराक और बैडमिंटन खिलाड़ी भी है। शिवांश की लेखक के रूप में उपलब्धियों के चलते ग्रेजुएट्स वेलफेयर एसोसिएशन फाजिल्का हेरीटेज फेस्टिवल के समापन पर 21 अप्रैल को उन्हें यूथ आईकॉन अवार्ड प्रदान करने जा रही है।

भजनों से साराबोर रही पहली नाइट

जागरण संवाददाता, फाजिल्का

पंजाब हेरीटेज एंड टूरिज्म प्रोमोशन बोर्ड के सहयोग से ग्रेजुएट्स वेलफेयर एसोसिएशन फाजिल्का की ओर से सातवें फाजिल्का हेरीटेज फेस्टिवल का आगाज 18 अप्रैल की रात को सिमरन नाइट से हो गया। पहली नाइट भजनों से साराबोर रही।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि नगर परिषद अध्यक्ष अनिल सेठी, विशिष्ट अतिथि डीएसपी रामप्रकाश ने शमा रोशन कर की। पहली रात धर्म व संस्कृति को समर्पित रही। मंच संचालन नवदीप असीजा ने किया। संरक्षक डा. भूपेंद्र सिंह, अध्यक्ष एडवोकेट उमेश कुक्कड़, संस्थापक सुरेद्र आहूजा ने महोत्सव आयोजन व सोसायटी के कार्यो पर प्रकाश डाला

यह रहे आकर्षण

फाजिल्का : कार्यक्रम में समाजसेवी राकेश नागपाल की ओर से नीलाम घर, सरकारी स्कूल की छात्राओं ने शबद गायन, हर्ष कुमार डिपू के नेतृत्व में छात्राओं ने भजन, संगीतकार मनजिंदर तनेजा के नेतृत्व में युवराज ने प्रार्थना, कोरियोग्राफी, आजाद परिदे बैंड द्वारा पहली लाइव परफार्मेस, श्री नारायण वेलफेयर सोसायटी की गो सेवा में समर्पित भजनों की सीडी रिलीज, भजन गायक प्रदुम्न शर्मा, अशोक कुक्कड़ व गुरनाम भुल्लर द्वारा, भजन गायक बलदेव राज की ओर से भजन रस प्रस्तुत किया गया। पुस्तक प्रदर्शनी कम सेल स्टाल, फाजिल्का की विश्व प्रसिद्ध पंजाबी जूती, ग्रामीण युवाओं का चद्दर व हैडलूम स्टाल, रेडिएंट एवं घुबाया कालेज की एजुकेशनल प्रदर्शनी, ज्याणी नेचुरल फार्म का आर्गेनिक फूड स्टाल, पंजाब हेरीटेज एंड टूरिज्म की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। स्वाद के दीवानों के लिए फाजिल्का तंदूर, साझा चूल्हा, कुल्फी व बच्चों के लिए झूलों का भी विशेष प्रबंध है।

ये कर रहे जिंदगी रोशन

फाजिल्का : फेस्टिवल के दौरान दो सौ से अधिक लोगों के नेत्रदान करवाने वाली सोशल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष राजकिशोर कालड़ा, अमृत लाल करीर, बाबू लाल अरोड़ा, संदीप अनेजा व अन्य श्री रामशरणम नेत्रदान समिति के एडवोकेट राजकृष्ण ठठई, दीनानाथ सचदेवा, संतोष जुनेजा, राकेश नागपाल, कृष्ण तनेजा व अन्य सदस्यों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। दोनों संस्थाओं ने क्रमश: दो सौ व सौ से अधिक लोगों के नेत्रदान करवा छह सौ से अधिक लोगों की अंधेरी जिंदगी रोशन की। फेस्टिवल में दोनों संस्थाओं के पदाधिकारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

घटाघर भी बिखेर रहा अनूठी छठा

हेरीटेज फेस्टिवल में जहा समयबद्ध और अनुशासित तरीके से कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है वहीं महोत्सव की मस्ती में डूबे उत्साही युवाओं के लिए ऐतिहासिक घंटाघर का परिसर भी विशेष रूप से सजाया गया है। यहा स्पेशल लाइट इफेक्ट्स, डीजे की धुनों पर झूमते नाचते युवाओं के कारण घंटाघर भी अनूठी छठा बिखेर रहा है।

Fazilka Heritage Fest gets underway

Gaurav Sagar Bhaskar - Hindustan Times - 20 April 2013- Bathinda Edition
FEROZEPUR: The seventh Fazilka Heritage Festival got off to a colorful start on Thursday night.
The first evening of the four day fest, being organised by the Graduate Welfare Association, Fazilka, was dedicated to devotional songs.
Conceived and planned as a cultural event showcasing the various aspects of art, music and food culture of Fazilka with a view of injecting a fresh lease of life in them, the festival is literally an art and cultural extravaganza, said Bhupinder Singh, a veteran IITian and president of the Graduate Welfare Association.
Aimed at promoting Fazilka's rich culture and heritage worldwide, the event directly supports local handicrafts, artisans and traders with the larger purpose of generating employment opportunities through tourism, said Bhupinder.
The association said Prem Nath Bubber, a Fazilka resident and a Punjab Agricultural University (PAU) passout who brought the name of his hometown on the international map through kinnow cultivation and promotion, would be awarded the "Fazilka Rattan" this year.
Bubber took to horticulture in 1976 and was the first to successfully grow kinnows in the area. In 1982, he also started growing vegetables and flowers, besides opting for seed production.
Bubber was the first farmer of the area to promote the concept of bio-fertilisers and organic manure. He also pioneered the cultivation of organic wheat and organic vegetables.
Bubber opened a nursery of fruit saplings in 1983 for the benefit of fruit growers of the region. He started the Bubber Horticulture Marketing Advisory Service in 1988 to guide fruit growers. A recipient of various awards at citrus shows and competitions organised by the horticulture department, he was recently conferred the best extension worker award by the PAU vice-chancellor at a kisan mela.
The festival began with a 'shabad' by Manjinder Taneja and Happy Delight, which was followed by performances by Ibadat Band of Government Girls School Fazilka and the newly launched Sufiaana band "Azad Parinde".
The event is being organised at four venues. Music and dance shows are being held in the carfree area near Clock Tower. The food zone and the exhibition-cumsale zone are both in Sanjay Gandhi Musical Park.
This year's special attractions are the organic food stall of Jiyan Natural Farm and of course the famous Punjabi juttis of Fazilka
As every year, the town is al decked up for the annual event to give it a festive look.
Later in the evening, the association honoured the Social Welfare Society and Shri Ram Sharnam society for their eye donation campaigns in the past two years. "Fazilka residents donated more than 310 pairs of eyes in the last two years, because of which the eyesight of more than 600 people has been restored Fazilka is the topmost district in the country in terms of number of eye donations," association members observed.

Friday, April 12, 2013

पंजाब: फाजिल्का: वाघा की तरह चमकेगा सादकी बार्डर

अमृत सचदेवा, फाजिल्का

फाजिल्का के सादकी बार्डर की रिट्रीट सेरेमनी अब सादगी भरी नहीं रहेगी, अब यहा भी वाघा जैसी चमक-दमक व शानो-शौकत नजर आएगी। यह सब होने जा रहा है स्थानीय विधायक एवं वन एवं श्रम मंत्री सुरजीत ज्याणी के प्रयासों से। उन्होंने 1.40 करोड़ रुपये की ग्राट से सादकी बार्डर के जीर्णोद्वार के प्रयासों की योजना को मूर्त रूप दिलवाया।

इन प्रयासों में सादकी बार्डर को और विस्तृत कर काफी बड़ी दर्शक गैलरी, विस्तृत पार्किग स्थल, बड़ा इटरनेशनल गेट व काफ्रेंस हाल बनाया जा रहा है। ताकि राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली आदि राज्यों से आने वाले पर्यटक भारी तादाद में रिट्रीट सेरेमनी का हिस्सा बन सकें।

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तीन इंटरनेशनल चौकियों में से एक है सादकी

फाजिल्का: अमृतसर स्थित वाघा बार्डर व फिरोजपुर स्थित हुसैनीवाला बार्डर के बाद फाजिल्का का सादकी बार्डर ही एक ऐसा बार्डर है, जहा भारत-पाकिस्तान के बीच रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन किया जाता है। इसे देखने के लिए भारी तदाद में लोग जमा होते है।

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जिले में होगा पर्यटन उद्योग का विकास

फाजिल्का: सादकी बार्डर के सौंदर्यीकरण बारे वनमंत्री सुरजीत ज्याणी ने कहा कि सादकी बार्डर पर 37 लाख की लागत से इटरनेशनल गेट व 42 लाख की लागत से काफ्रेंस हाल का निर्माण किया जा रहा है। 38 लाख की लागत से सुंदर दर्शक गैलरी व 23 लाख की लागत से पाíकंग का निर्माण किया जा रहा है। ज्याणी ने कहा कि 1.40 करोड़ रुपये खर्च कर जिले को पर्यटन उद्योग की लिहाज से आगे लाया जाएगा। पर्यटक पहले भी यहा भारी तदाद में आते थे, लेकिन उन्हे बैठने के लिए कोई खास व बढि़या सुविधाएं नहीं थीं। अब सुविधाएं बढ़ने से पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी।

Monday, April 8, 2013

नीतिश के रूप में इसरो में फाजिल्का की एंट्री



अमृत सचदेवा, फाजिल्का

इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन (इसरो) जहां काम करने का सपना हर
वैज्ञानिक का होता है, लेकिन उसे साकार कोई कोई ही कर पाता है। फाजिल्का
के युवा स्कॉलर नीतिश धवन ने अपनी योग्यता के बल पर इसरो में बतौर
एक्सप्लोजन साइंटिस्ट ज्वाइन कर इस सरहदी शहर का मान बढ़ाया है। नीतिश की
इस उपलब्धि पर पूरा शहर फख्र महसूस कर रहा है।

पंजाब नेशनल बैंक के कैशियर अनिल धवन व सरकारी अस्पताल की स्टाफ नर्स
विमल धवन का होनहार पुत्र हमेशा अन्य युवाओं से अलग रहा। बचपन में उसके
नाम अनेक उपलब्धियां दर्ज हैं। नीतिश ने सेक्रेड हार्ट कान्वेंट स्कूल
में दसवीं की परीक्षा में विज्ञान और गणित में सबसे अधिक अंक हासिल किए
थे। बारहवीं में चंडीगढ़ के खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में वह नॉन
मेडिकल ग्रुप में शीर्ष पर रहा।

देश में 1318वां रैंक हासिल कर उसने देश के प्रतिष्ठित आइआइटी संस्थान
रुड़की में प्रवेश पाया। कला के क्षेत्र में भी पूरा रुझान रहा है। नीतिश
ने स्कूलिंग के दौरान लगातार दो साल बेस्ट निबंध लेखन पुरस्कार जीते और
नाटकों में भी भाग लिया। विकलांगों के प्रति हमदर्दी में उसने रिमोट
चालित व्हील चेयर तैयार की। कालेज शिक्षा के दौरान नीतिश ने रेडियो जॉकी
की भूमिका निभाई और अपना एक शो पेश किया था। इसरो जैसे अंतरिक्ष अनुसंधान
केंद्र के इस युवा साइंटिस्ट को गिटार बजाने, बैडमिंटन खेलने और स्वीमिंग
का भी शौक है।

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फाजिल्का हेरीटेज फेस्टिवल में मिलेगा यूथ आईकान अवार्ड

फाजिल्का: नीतिश की इसरो के एक्प्लोजन साइंटिस्ट के रूप में मिली उपलब्धि
के लिए 18 अप्रैल से शुरू होने जा रहे फाजिल्का हेरीटेज फेस्टिवल में उसे
यूथ आइकान अवार्ड प्रदान किया जाएगा। फेस्टिवल का आयोजन कर रही
ग्रेजुएट्स वेलफेयर एसोसिएशन फाजिल्का के सचिव इंजीनियर नवदीप असीजा ने
बताया कि नीतिश को उसके परिवार सहित युवाओं को समर्पित 21 अप्रैल की रात
को सम्मानित किया जाएगा।
http://www.jagran.com/punjab/firozpur-10284157.html



Saturday, April 6, 2013

टॉपर डा. रचना मोंगा को यूथ आईकान अवार्ड


अमृत सचदेवा, फाजिल्का

लड़का एक कुल का नाम रोशन करता है तो लड़किया दो कुलों की शान बनती हैं।
फरीदकोट के सरकारी मेडिकल कालेज में एमएस ईएनटी फाजिल्का की युवा डाक्टर
रचना मोंगा भी ऐसी ही शख्सियत है, जो लड़कियों के लिए मिसाल बनकर उभरी है।
फाजिल्का में जन्मी डा. रचना को 18 अप्रैल से शुरू होने जा रहे फाजिल्का
हेरीटेज फेस्टिवल में यूथ आईकान अवार्ड से नवाजा जा रहा है।

डा. रचना ने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी आफ हेल्थ साइस में एमएस ईएनटी में
पूरे पंजाब में टॉप किया है। इससे पहले 2009 में उन्होंने एमएस ईएनटी के
लिए पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रेस एग्जाम भी पहले प्रयास में ही पास किया था।
खास बात यह कि डा. रचना को अपने पति के साथ सरकारी मेडिकल कालेज फरीदकोट
में ही नियुक्ति मिली है।

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यह भी है उपलब्धिया

फाजिल्का: फाजिल्का निवासी अशोक-अंजू धींगड़ा की पुत्री रचना बचपन से ही
उपलब्धिया हासिल कर रही हैं। प्रारभिक शिक्षा सर्वहितकारी विद्या मंदिर
में हुई जहा 2001 में सीबीएसई बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में जिले में
अव्वल स्थान हासिल किया। लड़कियों के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भी
उसने साल 2003 में जिले में अव्वल स्थान पाया। एमबीबीएस व एमएस की पढ़ाई
उसने सरकारी मेडिकल कालेज पटियाला से की।

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पति का मिला साथ

फाजिल्का: जिस तरह हर कामयाब पुरुष के पीछे किसी महिला का हाथ होता है,
उसी तरह एक कामयाब बेटी, बहू, मा व डाक्टर के रूप में मरीजों के लिए
बेहतर करने की प्रेरणा डा. रचना के अनुसार उन्हे उनके पति से मिलती है।
रचना की शादी बीते साल फाजिल्का के एमएल मोंगा-प्रेम मोंगा के पुत्र डा.
शमीम मोंगा के साथ हुई है। उन्हे हाल ही में पुत्र रत्‍‌न की प्राप्ति
हुई है। रचना अपना जीवन गरीब मरीजों की सेवा में समर्पित करना चाहती हैं।
उनकी उपलब्धियों और बीते वर्ष एमएस ईएनटी में पंजाब में अव्वल रहने के
चलते ग्रेजुएट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने डा. रचना को यूथ आईकान अवार्ड देने
का फैसला किया है।

Tuesday, April 2, 2013

Traffic, Youth, Weapon and Road Rages in Punjab

On 27th February this year, a lawyer was shot dead by some youth just
because he had objected to their parking the cars outside the gate of
his relative's residence in Phase 3A of SAS Nagar (Mohali). Now on
this Sunday an assistant sub-inspector of the Punjab Police was shot
dead by unidentified people on the Jalandhar-Ludhiana highway late
Sunday night during his night highway patrol duty. These two incidents
have got something common and giving us the indication of another
upcoming law and order problem in the state.

As per recent Household survey report under Census 2011 of Punjab,
state has about 2.6 lakhs operational cars in the state and RTI report
reveals that state has issued about 4.5 lakhs weapon licenses. This
clearly demonstrate that almost 90% of the car owners in the state own
a weapon now. At present per capita weapon license density in Punjab
is even more than, what it used to be In Chambal. Drug addicted
unemployed youth, equipped with weapon and having motor vehicle
followed by missing code of conduct for the society inviting another
disaster to happen in the state.

There are about 70,000 state police officials and 2000 on Traffic
Police duty. None of the traffic police personal equipped with weapon
in contrast to most of the car owners. At present there is no clear
cut guidelines are available with the state in terms of issuance or
renew of Number of weapon license. It all happens under political
pressure. Disturbed area tag has been removed from Punjab long back,
but that has nothing to do with issuance of weapon licenses Our cities
are getting choked due to missing traffic management further most of
the road space is allocated to motor vehicles and cars only. If it
will not be stopped now, anyone Indulging with car owners, is going to
face the fatal consequences in future. State immediately needs a
policy for issuance/renew of weapon licenses in order to control this
fatal consequences arising out of road rage.

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