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Monday, August 2, 2010

Forest Dept begins to plant saplings - Ditch Drain


10000 saplings to be planted by Aug 15
Praful C Nagpal
Fazilka, August 1
The forest department, Punjab, has initiated an ambitious project to bring more area under afforestation in the Fazilka sub-division. Under the project, it has started planting saplings on the eastern bank of the Ditch Drain on the border road. So far, more than 6000 saplings have been planted on the vacant track on the bank of the seepage drain.

"We would achieve the target of planting 10000 saplings in the first phase till August 15," claimed Forest Range Official, Jasbir Singh Grewal.

The Tribune had highlighted in these columns more than a month ago that the forest department has turned a blind eye to the fact that a vast track of about 18.5 kilometers and about 100 feet wide from village Sabuana to village Dilawar Bhaini on the eastern bank of the Ditch Drain is lying vacant for the last 10 years and afforestation can easily be carried out there.

After the highlighting of these facts, the Deputy District Forest Officer, Ferozepur, Daljit Singh visited the Ditch Drain and worked out an ambitious project.

http://www.tribuneindia.com/2010/20100802/bathinda.htm#8

Dial-a-tree scheme: Plantation drive launched in Fazilka


Tribune News Service

Fazilka, August 1
As many as 74 dwellings of this border town were brought under the green cover after saplings of different trees were planted by the volunteers of the Graduate Welfare Association Fazilka through its two green ambulances, which were flagged off by the prominent residents, here today.

The plantation drive was launched under the Dial-a-Tree scheme initiated by the GWAF to increase the green cover of this town.

Over the past few years, the town has lost its green cover significantly due to cutting of trees in a large number due to massive urbanisation. The town is already equipped with eco-friendly rickshaws and car-free zone.

About 125 saplings were planted in about 74 dwellings on the first day of Dial-a-Tree scheme. Those who attended the ceremony, included Jai Pal Sandhu, Capt. (retd) MS Bedi, Navdeep Asija, Vikram Ahuja, Jasbir Singh, Raj Kishore Kalra, Sanjeev Marshal and Umesh Kukkar.

"We hope to cover about 3000 dwellings out of about 12000 dwellings of this town under this scheme by August 15," pointed out Navdeep Asija, secretary (administration), GWAF.

Monday, August 10, 2009

आनंद उत्सव कभी समाप्त न करने का निर्णय

Dainik Jagran 10th August 2009

फाजिल्का-ग्लोबल वार्मिग का असर लोगों ने बारिश न होने और लगातार बढ़ रही गर्मी के रूप में देख ही लिया है। इसलिए सिर्फ सरकार से कुछ कर दिखाने की उम्मीद करने के बजाए सामाजिक संगठनों व आम लोगों को आगे आना होगा और पौध रोपण ग्लोबल वार्मिग कम करने का सबसे आसान और उत्तम ढंग है। इसी बात को मद्देनजर रखते हुए पंजाब हैरीटेज एंड टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड के सहयोग से फाजिल्का में वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत आनंद उत्सव का आयोजन करवाने वाली एनजीओ ग्रेजुएट वेलफेयर एसोसिएशन फाजिल्का (जी.डब्ल्यू.ए.एफ) ने उत्तर भारत की सबसे बड़ी कृषि सेवा कंपनी जमींदारा फार्म साल्यूशंस के सहयोग से आनंद उत्सव को लगातार चलाए रखने का निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि लोगों की पौधारोपण और उनकी देखभाल के प्रति रुचि पैदा करने के लिए एनजीओ जीडब्ल्यूएएफ ने पुराने सांस्कृतिक कार्यक्रमों व खेलों के आयोजन के साथ साथ दो दिवसीय पौध रोपण कार्यक्रम आनंद उत्सव के रूप में आयोजित किया। इस दौरान लोगों के भारी उत्साह को देखते हुए जीडब्ल्यूएएफ ने इस उत्सव को दो दिन के बजाए सदाबहार बनाने का निर्णय लिया है। इस कार्य में जीडब्ल्यूएएफ को सहयोग देने का वादा जमींदारा फार्म साल्यूशंस के सोशल एक्टिविटी विंग ने किया है। जमींदारा के डायरेक्टर विक्रम आहूजा ने बताया कि आनंद उत्सव में भी उनकी कंपनी के सोशल विंग में शहर भर में सैकड़ों पौधे लगाने में मशीनरी व मैन पावर उपलब्ध करवाई है। अब जबकि ग्लोबल वार्मिग के खिलाफ लोगों में जागरूकता आ गई है और लोग जीडब्ल्यूएएफ से आग्रह कर करके अपने यहां वृक्ष लगाने का न्यौता दे रहे है तो दोनों संगठनों ने आनंद उत्सव को दो दिन के बजाए सदाबहार करने का निर्णय लिया है। आहूजा के अनुसार आमतौर पर देखने में आता है कि अपने घर के बाहर या अंदर वृक्ष लगाने का इच्छुक हर कोई होता है लेकिन संसाधनों के अभाव में उनकी इच्छा पूरी नहीं हो पाती। लगाने के लिए मनपसंद पौधा मिलना तो दूर बल्कि उसे लगाने के लिए जरूरत अनुसार गढ्डा खोदना ही मुश्किल हो जाता है। लेकिन उनकी कंपनी का सोशल विंग पौधा लगाने के इच्छुक लोगों द्वारा फोन करने पर न केवल जीडब्ल्यूएएफ के सहयोग से पौधा उपलब्ध करवाएगा बल्कि जरूरत अनुसार गढ्डा खोदने के लिए ट्रैक्टर, मशीनरी व वर्कर निशुल्क भी भेजेगा। वहीं जीडब्ल्यूएएफ के सचिव इंजीनियर नवदीप असीजा ने बताया कि लोगों में पौध रोपण के प्रति पैदा हो रही जागरूकता एक अच्छा संकेत है और यही जागरूकता ग्लोबल वार्मिग कम करने में सहयोग देगी।
http://in.jagran.yahoo.com/news/local/punjab/4_2_5692842.html

प्रदेश के पर्यटन के नक्शे पर आया फाजिल्का

Aug 08, 11:00 pm


फाजिल्का- प्रदेश सरकार की भंग हुए पंजाब पर्यटन विकास निगम, के पंजाब हेरीटेज एंड टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड के रूप में अस्तित्व में आने से फाजिल्का को भी उसका हक मिलना शुरू हो गया है। बोर्ड ने अपने कैलेंडर में फाजिल्का को टूरिस्ट प्लेस का दर्जा देते हुए यहां के दो फार्म हाउसों व यहां मनाए जाने वाले दो उत्सवों को हेरीटेज फेस्टिवलों की सूची में शामिल कर लिया है। फाजिल्का को पर्यटन के नक्शे पर लाने के लिए कई वर्षो से प्रयासरत ग्रेजुएट वेलफेयर एसोसिएशन फाजिल्का के सचिव इंजीनियर नवदीप असीजा ने शनिवार को यहां बताया कि फाजिल्का में वनों का रकबा बढ़ाने के लिए मनाया जा रहा आनंद उत्सव भी राज्य सरकार के हेरीटेज फेस्टिवल में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद 62 साल में पहली बार हुआ है कि पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर फाजिल्का का नाम आया है। इसके अलावा उक्त बोर्ड टूरिस्ट प्लेस के तौर पर फाजिल्का पर विशेष ब्रोशर भी प्रकाशित करने जा रहा है, जिसमें फाजिल्का पहुंचने के सड़क व रेल मार्गो के ब्योरे, यहां के दर्शनीय स्थल, यहां से खरीदे जा सकने वाली पोशाक, खाद्य पदार्थो व सजावटी सामान की फेहरिस्त दी जाएगी। इंजीनियर असीजा ने बताया कि बोर्ड में नियुक्त आफिसर ऑन स्पेशल डयूटी विद्या कुमार ने फाजिल्का को टूरिस्ट प्लेस के तौर पर विकसित करने से पहले यहां के वातावरण को बेहतर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, उसी के तहत लोगों में पौधारोपण करने की जागरूकता पैदा करने के लिए आनंद उत्सव मनाया जा रहा है। उनका कहना है कि वातावरण से ही पर्यटन विकसित होता है। सरकार किसी जगह को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सब कुछ नहीं कर सकती इसलिए आनंद उत्सव के जरिये पौधारोपण को सामाजिक दायित्व बनाने का प्रयास किया जा रहा है और इसके अच्छे परिणाम भी सामने आए है। आनंद उत्सव में लोग खुद आगे आकर पौधा अपने घर के बाहर लगाने की मांग के साथ उसकी देखभाल कर उसे बढ़ाने की जिम्मेवारी भी ले रहे है। इंजीनियर असीजा के अनुसार बोर्ड के कैलेंडर में फाजिल्का की रिट्रीट सेरेमनी, ऐतिहासिक रघुवर भवन को भी शामिल करवाने के प्रयास जारी है। अलबत्ता इलाके के दो और फार्म हाउसों करणीखेड़ा स्थित आहूजा फार्म व निहालखेड़ा स्थित एक अन्य फार्म को टूरिस्ट प्लेस में जल्द ही शामिल किया जा रहा है।
http://in.jagran.yahoo.com/news/local/punjab/4_2_5690831.html