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Friday, November 21, 2008

फ्लाई ओवर निर्माण में सुरक्षा मानक रखे ताक पर

Nov 19, 09:10 pm
Amrit Sachdeva

फाजिल्का -फिरोजपुर-फाजिल्का मार्ग पर स्थानीय रेलवे क्रासिंग के ऊपर बनाया जा रहे फ्लाई ओवर निर्माण कार्य में निर्माता कंपनी चेतक प्राइवेट लिमिटेड ने राहगीरों की सुरक्षा के लिए अपनाए जाने वाले मानकों को ताक पर रख दिया है। नतीजतन पुल निर्माण के निकट से प्रतिदिन हजारों वाहनों व पैदल यात्रियों को जहां अपनी जान हथेली पर रख वहां से गुजरना पड़ रहा है, वहीं कंपनी के लालच के चलते जरूरत से ज्यादा लंबे बनाए जा रहे पुल के आसपास के सैकड़ों दुकानदारों का कामकाज ठप हो गया है।

उल्लेखनीय है कि देश भर में जहां भी फ्लाई ओवर या अंडर ब्रिज बनाने का काम चलता है, वहां निर्माता कंपनी या सरकारी विभाग को निर्माण कार्य के आसपास शीट्स की दीवार लगाकर भीतर ही भीतर काम करना होता है। इसके अलावा वहां से गुजरने वाले ट्रैफिक के सही संचालन के लिए वैकल्पिक मार्ग भी बनाकर देना होता है, लेकिन फाजिल्का पुल निर्माण मामले में निर्माता कंपनी अपने पैसे बचाने के चक्कर में कोई भी सुरक्षा मानक नहीं अपना रही। रेलवे क्रासिंग के दोनों ओर पुल के लिए स्थापित किए जा रहे पिल्लरों के लिए खोदे गढ्डें जस के तस खुले ही पड़े है, जिससे तेज रफ्तार वाहनों या पैदल यात्रियों के उनमें गिरने का अंदेशा बना है। कारण यह है कि कंपनी ने पुल निर्माण के दौरान कोई वैकल्पिक मार्ग बनाकर नहीं दिया है। इसके चलते एक मजदूर गढ्डों के कारण कच्ची मिट्टी के निकट बनी दीवार में दबकर अपनी जान गवां चुका है, लेकिन कंपनी के कानों पर जूं तक नहीं रेगी। वहीं, निर्माणाधीन पुल की जरूरत से ज्यादा लंबाई भी आसपास के सैकड़ों दुकानदारों के जी का जंजाल बनी हुई है। दुकानदारों का कहना है कि आमतौर पर बनाए जाने वाले पुलों की अधिकतम लंबाई छह सौ मीटर होती है, लेकिन फाजिल्का में पुल बनाने वाली प्राइवेट कंपनी लोगों से अधिक टोल टैक्स उगाहने के लिए नौ सौ मीटर लंबा पुल बना रही है।

सुरक्षा मानकों का हर हाल में करवाया जाएगा पालन : सेठी

फाजिल्का: फ्लाई ओवर की जरूरत से ज्यादा लंबाई व सुरक्षा मानकों में बरती जा रही कोताही के खिलाफ पुल के दोनों ओर के दुकानदारों ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को फाजिल्का-फिरोजपुर मार्ग के सैकड़ों दुकानदारों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने पुल निर्माण के गलत ढंग के खिलाफ नगर परिषद अध्यक्ष अनिल सेठी व ईओ से शिकायत की और तत्काल प्रभाव से पुल निर्माण रुकवाने की मांग की। इस पर परिषद अध्यक्ष सेठी ने दुकानदारों को विश्वास दिलाया कि सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी और अनियमितता पाए जाने पर पुल निर्माण रुकवा कर कंपनी को पहले सुरक्षा के बंदोबस्त करने के लिए कहा जाएगा।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/punjab/4_2_5002518_1.html

फ्लाई ओवर निर्माण में सुरक्षा मानक रखे ताक पर

Nov 19, 09:10 pm
Amrit Sachdeva

फाजिल्का -फिरोजपुर-फाजिल्का मार्ग पर स्थानीय रेलवे क्रासिंग के ऊपर बनाया जा रहे फ्लाई ओवर निर्माण कार्य में निर्माता कंपनी चेतक प्राइवेट लिमिटेड ने राहगीरों की सुरक्षा के लिए अपनाए जाने वाले मानकों को ताक पर रख दिया है। नतीजतन पुल निर्माण के निकट से प्रतिदिन हजारों वाहनों व पैदल यात्रियों को जहां अपनी जान हथेली पर रख वहां से गुजरना पड़ रहा है, वहीं कंपनी के लालच के चलते जरूरत से ज्यादा लंबे बनाए जा रहे पुल के आसपास के सैकड़ों दुकानदारों का कामकाज ठप हो गया है।

उल्लेखनीय है कि देश भर में जहां भी फ्लाई ओवर या अंडर ब्रिज बनाने का काम चलता है, वहां निर्माता कंपनी या सरकारी विभाग को निर्माण कार्य के आसपास शीट्स की दीवार लगाकर भीतर ही भीतर काम करना होता है। इसके अलावा वहां से गुजरने वाले ट्रैफिक के सही संचालन के लिए वैकल्पिक मार्ग भी बनाकर देना होता है, लेकिन फाजिल्का पुल निर्माण मामले में निर्माता कंपनी अपने पैसे बचाने के चक्कर में कोई भी सुरक्षा मानक नहीं अपना रही। रेलवे क्रासिंग के दोनों ओर पुल के लिए स्थापित किए जा रहे पिल्लरों के लिए खोदे गढ्डें जस के तस खुले ही पड़े है, जिससे तेज रफ्तार वाहनों या पैदल यात्रियों के उनमें गिरने का अंदेशा बना है। कारण यह है कि कंपनी ने पुल निर्माण के दौरान कोई वैकल्पिक मार्ग बनाकर नहीं दिया है। इसके चलते एक मजदूर गढ्डों के कारण कच्ची मिट्टी के निकट बनी दीवार में दबकर अपनी जान गवां चुका है, लेकिन कंपनी के कानों पर जूं तक नहीं रेगी। वहीं, निर्माणाधीन पुल की जरूरत से ज्यादा लंबाई भी आसपास के सैकड़ों दुकानदारों के जी का जंजाल बनी हुई है। दुकानदारों का कहना है कि आमतौर पर बनाए जाने वाले पुलों की अधिकतम लंबाई छह सौ मीटर होती है, लेकिन फाजिल्का में पुल बनाने वाली प्राइवेट कंपनी लोगों से अधिक टोल टैक्स उगाहने के लिए नौ सौ मीटर लंबा पुल बना रही है।

सुरक्षा मानकों का हर हाल में करवाया जाएगा पालन : सेठी

फाजिल्का: फ्लाई ओवर की जरूरत से ज्यादा लंबाई व सुरक्षा मानकों में बरती जा रही कोताही के खिलाफ पुल के दोनों ओर के दुकानदारों ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को फाजिल्का-फिरोजपुर मार्ग के सैकड़ों दुकानदारों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने पुल निर्माण के गलत ढंग के खिलाफ नगर परिषद अध्यक्ष अनिल सेठी व ईओ से शिकायत की और तत्काल प्रभाव से पुल निर्माण रुकवाने की मांग की। इस पर परिषद अध्यक्ष सेठी ने दुकानदारों को विश्वास दिलाया कि सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी और अनियमितता पाए जाने पर पुल निर्माण रुकवा कर कंपनी को पहले सुरक्षा के बंदोबस्त करने के लिए कहा जाएगा।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/punjab/4_2_5002518_1.html

Sunday, November 2, 2008

फ्लाईओवर निर्माण संबंधी सूचना देर से देने का कड़ा नोटिस

फाजिल्का-फाजिल्का में बनाए जा रहे फ्लाईओवर के निर्माण संबंधी सूचना देर से देने के मामले में राज्य सूचना आयोग ने कड़ा नोटिस लेते हुए प्रदेश के पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) को जुर्माना लगाया है। उसने दो दिसंबर तक पुन: पेशी पर उपस्थित होकर जुर्माना भरने अथवा देरी का जायज कारण बताने का आदेश दिया है।

उल्लेखनीय है कि यहां के युवा इंजीनियर नवदीप असीजा ने आरटीआई एक्ट के तहत चार अक्टूबर, 2007 को फाजिल्का में फ्लाईओवर के निर्माण संबंधी जानकारी विभाग से मांगी गई थी। असीजा के अनुसार, उनको शक था कि जनता से ज्यादा टोल टैक्स वसूलने के लिए पुल का निर्माण कर रही चेतक कंस्ट्रक्शंस कंपनी पुल को जरूरत से ज्यादा लंबा बना रही है। आमतौर पर फ्लाईओवर की लंबाई साढ़े छह सौ मीटर होती है, लेकिन कंपनी ढाई सौ मीटर ज्यादा लंबा पुल बनाना चाहती है। पुल का निर्माण भले ही प्राइवेट कंपनी करवा रही है, लेकिन उसके निर्माण व मानकों की देखरेख की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) की है। कंपनी ने मांगी गई सूचना से घबराकर एक साल तक सूचना देने के बजाय सीधे ही पुल का निर्माण शुरू कर दिया। यहां तक कि उसने रेलवे से लिखित अनुमति भी नहीं ली, क्योंकि फ्लाईओवर का कुछ हिस्सा रेलवे की जमीन में पड़ता है।

इंजीनियर असीजा ने बताया कि पुल के नक्शे बाबत भी उन्होंने विभाग से सूचना मांगी थी, ताकि पता चल सके कि पुल के रास्ते शहर में प्रवेश करने का रास्ता क्या होगा। अब जबकि पुल बनना शुरू हो गया है तो पता चला कि पुल बनने के बाद उसका फायदा सिर्फ शहर में प्रवेश न करने वाले वाहनों को होगा, क्योंकि पुल सीधा बनाया जा रहा है। उससे शहर में उतरने के लिए कोई ब्रांच नहीं निकाली जा रही है। इसके चलते शहरवासियों को पुल बनने का कोई फायदा होना तो दूर, बल्कि बिना पुल का प्रयोग किए ही उन पर साढ़े आठ रुपये टोल टैक्स लगना शुरू हो जाएगा।

असीजा ने बताया कि पुल सीधा बनाए जाने का पता चलने पर उन्होंने राज्य सूचना आयोग से पुन: शिकायत की तो आयोग के सूचना आयुक्त सुरेद्र सिंह ने

विभाग को 25 हजार रुपये जुर्माने के साथ मांगे गए नक्शे बिना फीस के ही देने का आदेश दिया है। उसने मामले की आगामी पेशी पर 25 हजार अदा करने या फिर सूचना में देरी का जायज कारण बताने का आदेश दिया है। दूसरी तरफ विभाग ने एक आदेश का पालन करते हुए नक्शे की प्रतियां इंजीनियर असीजा को भेज दी है।